यह फूल मिला मुझे, पणजी में, मंडोवी के किनारे। तमाम मुश्किलों के बावजूद इसने जिंदा रहने की ज़िद की। जो मंहुसियत कभी अहमदाबाद में फैलाई गई थी, नदी के किनारे को concrete में ढलने की, वो अब गोवा में भी फैल रही है।
4 comments
Rupam DasPassion fruit flower?
Tirath MehtaHuman beings will not rest until we have destroyed everything on this planet!
Rachana Kulshresthaहमारे यहाँ इसको राखी का फूल कहते हैं। हम इंसान क्यूँ नहीं समझते कि नदियाँ अपना ख़्याल ख़ुद रख सकती हैं और वो हमारा डम्पिंग यार्ड नहीं हैं। मंडोवी को प्यार, और उससे माफ़ी भी।