Saurabh
आज करीब बारह बजे से ही बिस्तर पर लेटा हूँ। थकान है, कम नहीं कर पर रहा। कोई tension भी नहीं ले पा रहा 😊

लेटे लेटे नज़र इस कील पर गई। निकालना भूल गया था इसे। इस कील से वो intravenous ड्रिप की बोतल लटकती थी, जिससे नर्स मुझे दिन का बीस ग्राम antibiotic चढ़ाती थी। Covid negative होने के तीन हफ़्ते बाद चढ़ा तेज़ बुखार, जो शायद hospitalisation की वजह से होने वाले secondary infection से हुआ था। डॉक्टर कुछ ठीक से बता नहीं पाए, मग़र आठ दिन तक भारी दवा देकर उसे दबा ज़रूर पाए।

कितनी भारी? एक antibiotic की गोली में दो से पांच सो milligram दवा होती है। मतलब एक आम बीमार लेता है दिन की ज़्यादा से ज़्यादा एक ग्राम दवा, वो भी मुँह से। मेरी नसों में चढ़ी इससे बीस गुना ज़्यादा दवा।

जब अपने बालों या नाखूनों का हाल देखता हूँ तो भूल जाता हूँ कि किस झंझट से छूट कर निकला हूँ 😬। शायद इस कील को, वहीं छोड़ देना चाहिए।
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