Saurabh
क्योंकि सास भी कभी बहू थी

इसलिए विपक्ष को सत्ता धारी पक्षी पर तंग कसने कि कोई आवश्यकता नहीं। यह शुभ कार्य स्वयं सत्ताधारियों ने बखूबी सम्पन्न किया हुआ है।