Saurabh
यार वोह ज़माना बीत गया जब बाप अपने बच्चों को बताते थे कि बेटा बड़े होकर कौनसा पेशा अपनाओ। नहीं तो हम भी अपने लड़कों को constitutional lawyer बनाते। फिर उनके बयान और दलीलें सुन कर हमें भी बुढ़ापे में फ़क्र होत।