Saurabh
ना मुझे तो यह बताओ, कि जिस देश में एक हज़ार आदमी रोज़ TB से मरता हो, उस देश के होनहार नेता अब तक कहाँ थे?

उससे ज़्यादा आदमी दस्त से मरता है, सो हज़ारों करोड़ों के ख़र्चे से पूरे देश में toilet बनवाए गए। बड़ी अच्छी बात है। मग़र थूकना रूकवाने का तो कोई ख़रचा भी नहीं था। फिर भी हम सोते रहे।

अब डर यह है कि corona के जाने के बाद DMA भी हट जाएगा, और यह फ़रमान भी। कैसे रोकें हर जगह थूकना लोगों का?