तेरे वादे पर जिए हम तो ये जान झूठ जाना
कि खुशी से मर न जाते अगर ऐतबार होता
ये ज़बान हिंदी है, या उर्दू, इसमें क्या रखा है यारों। अहम बात यह है कि यह ख़ूबसूरत ख़याल हमारी अमानत है, हमें इस ख़याल को बचा कर रखना है। इसी ज़बान में बचा कर रखना है। आज हमारे देश में कई ऐसी ज़बान हैं जिन्हें बोलना-समझना हम भूलते जा रहे हैं। ऐसी ज़बानों को संजाहने की पहल है PARI.
http://www.ruralindiaonline.org/categories/tongues/
कि खुशी से मर न जाते अगर ऐतबार होता
ये ज़बान हिंदी है, या उर्दू, इसमें क्या रखा है यारों। अहम बात यह है कि यह ख़ूबसूरत ख़याल हमारी अमानत है, हमें इस ख़याल को बचा कर रखना है। इसी ज़बान में बचा कर रखना है। आज हमारे देश में कई ऐसी ज़बान हैं जिन्हें बोलना-समझना हम भूलते जा रहे हैं। ऐसी ज़बानों को संजाहने की पहल है PARI.
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