Saurabh
जो रेंजिशें थीं उन्हें बर्करार रहने दिया
गले मिले भी तो दिल में गुबार रहने दिया

गली के मोड़ से आवाज़ दे कर लौट आए
तमाम रात उसे बेकरार रहने दिया